एक किडनी वाले मरीज के लिए कौन सी सर्जरी सुरक्षित है?

एक किडनी के साथ जीवन जीना पूरी तरह संभव है, लेकिन इसमें कुछ सावधानी बरतनी बहुत ज़रूरी है। कई मरीजों को एक किडनी होने पर सबसे बड़ा डर यह रहता है कि “अगर कभी सर्जरी करनी पड़ी तो क्या यह सुरक्षित होगी?”

असल में, एक किडनी वाले मरीज के लिए सर्जरी पूरी तरह मुमकिन है, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि सर्जरी किस प्रकार की है और उसके लिए कितनी तैयारी की गई है। Dr. Deepanshu के अनुसार — “सही जांच, सही तैयारी और सही तकनीक से सर्जरी सुरक्षित और असरदार बन सकती है।”

इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि एक किडनी वाले मरीज के लिए कौन-कौन सी सर्जरी सुरक्षित मानी जाती है, सर्जरी से पहले किन जांचों की ज़रूरत होती है और Dr. Deepanshu की सलाह क्या है।

एक किडनी के साथ जीवन – क्या संभव है?

एक किडनी वाला इंसान भी पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकता है। बहुत से लोग जन्म से एक किडनी के साथ पैदा होते हैं, तो कुछ लोगों की एक किडनी किसी कारणवश काम करना बंद कर देती है — जैसे चोट, सर्जरी, या बीमारी के कारण।

एक स्वस्थ किडनी शरीर की सारी ज़रूरतें पूरी करने में सक्षम होती है, बशर्ते कि उसका ध्यान रखा जाए। सही डाइट, पर्याप्त पानी, नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह से जीवन पूरी तरह सामान्य रह सकता है।

सर्जरी की ज़रूरत कब पड़ती है?

एक किडनी वाले मरीज को कई कारणों से सर्जरी की ज़रूरत पड़ सकती है — जैसे:

  • हर्निया, गॉल ब्लैडर, अपेंडिक्स या स्टोन जैसी समस्या
  • प्रोस्टेट या ब्लैडर से जुड़ी सर्जरी
  • चोट या किसी बीमारी के कारण ऑपरेशन
  • कैंसर जैसी गंभीर स्थिति

लेकिन इस बात का ध्यान रखना ज़रूरी है कि हर सर्जरी सुरक्षित नहीं होती। यह इस बात पर निर्भर करता है कि किस प्रकार की सर्जरी की जा रही है और मरीज की किडनी की स्थिति कैसी है।

सर्जरी से पहले जरूरी जांच

Dr. Deepanshu हमेशा कहते हैं कि एक किडनी वाले मरीज को ऑपरेशन से पहले पूरी जांच करवानी चाहिए। इसमें शामिल हैं:

  • ब्लड टेस्ट – किडनी का कार्य सही है या नहीं यह जानने के लिए (Creatinine, Urea, eGFR)।
  • यूरिन टेस्ट – मूत्र संबंधी समस्या या संक्रमण की जांच।
  • अल्ट्रासाउंड / CT स्कैन – किडनी और संबंधित अंगों की स्थिति देखने के लिए।
  • एनेस्थीसिया से पहले डॉक्टर की राय – यह तय करने के लिए कि ऑपरेशन सुरक्षित है या नहीं।
  • दवा और पानी की तैयारी – ऑपरेशन से पहले दवाओं को लेकर सही निर्देश लेना ज़रूरी है।

एक किडनी वाले मरीज के लिए सुरक्षित सर्जरी

1. मिनिमली इनवेसिव सर्जरी

मिनिमली इनवेसिव सर्जरी, जैसे लैप्रोस्कोपिक या लेज़र तकनीक, एक किडनी वाले मरीजों के लिए सबसे सुरक्षित मानी जाती है।

फायदे:

  • कम दर्द
  • कम ब्लीडिंग
  • जल्दी रिकवरी
  • अस्पताल में कम दिन रहना

2. यूरोलॉजिकल सर्जरी

प्रोस्टेट, ब्लैडर या यूरिटर से जुड़ी सर्जरी में लेज़र तकनीक या मिनिमली इनवेसिव तकनीक का उपयोग सुरक्षित रहता है।

3. गॉल ब्लैडर या अपेंडिक्स सर्जरी

गॉल ब्लैडर या अपेंडिक्स की सर्जरी सामान्य रूप से एक किडनी वाले मरीज के लिए सुरक्षित होती है, बशर्ते कि ऑपरेशन से पहले पूरी तरह जांच और तैयारी की गई हो।

4. लेज़र किडनी स्टोन सर्जरी

जब एक किडनी में स्टोन होता है, तो डॉक्टर विशेष सावधानी रखते हैं। लेज़र स्टोन सर्जरी में कम जोखिम, कम दर्द और तेज रिकवरी मिलती है।

किन सर्जरी में ज्यादा सावधानी की ज़रूरत होती है

कुछ सर्जरी में ब्लीडिंग या एनेस्थीसिया का असर सीधे किडनी पर पड़ सकता है। ऐसे मामलों में विशेष निगरानी आवश्यक होती है:

  • लंबे ऑपरेशन जिसमें समय ज्यादा लगे।
  • ज्यादा मात्रा में एनेस्थीसिया का इस्तेमाल।
  • ऑपरेशन में अधिक दवाओं की ज़रूरत।

इन मामलों में Dr. Deepanshu नेफ्रोलॉजिस्ट (किडनी विशेषज्ञ) के साथ मिलकर ऑपरेशन करते हैं ताकि जोखिम न्यूनतम रहे।

Dr. Deepanshu की सलाह

Dr. Deepanshu बताते हैं —

“एक किडनी वाले मरीज को सर्जरी कराने से पहले पूरी तैयारी करनी चाहिए। इसमें मरीज का फिजिकल चेकअप, ब्लड टेस्ट, इमेजिंग और एनेस्थीसिया कंसल्टेशन शामिल है। यह सुनिश्चित करता है कि ऑपरेशन सुरक्षित हो और रिकवरी जल्दी हो।”

वे यह भी कहते हैं कि एक किडनी वाले मरीज को हमेशा अनुभवी यूरोलॉजिस्ट से ही सर्जरी करवानी चाहिए।

सर्जरी के बाद देखभाल (Post-Operative Care)

सर्जरी के बाद देखभाल बहुत ज़रूरी है, खासकर एक किडनी वाले मरीज के लिए:

  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं (डॉक्टर के निर्देशानुसार)।
  • हल्की और संतुलित डाइट लें।
  • समय पर दवाएँ लें।
  • फॉलो-अप विज़िट्स ज़रूर करें।
  • अगर किसी भी तरह की असामान्यता (जैसे सूजन, पेशाब में बदलाव, अत्यधिक थकान) हो तो तुरंत डॉक्टर को सूचित करें।

निष्कर्ष

एक किडनी वाले मरीज के लिए सर्जरी पूरी तरह संभव है, लेकिन इसमें सही तैयारी, सही तकनीक और डॉक्टर की विशेषज्ञ देखभाल बहुत महत्वपूर्ण होती है। आज की आधुनिक तकनीक, जैसे लेज़र और लैप्रोस्कोपी, इसे पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और आसान बना देती है।

Dr. Deepanshu का मानना है कि “डर की जगह समझ और सही देखभाल होनी चाहिए।” एक किडनी वाले मरीज के लिए सर्जरी से पहले पूरी जांच, नेफ्रोलॉजिस्ट और यूरोलॉजिस्ट का मिलकर निर्णय लेना बहुत ज़रूरी है।

सही समय पर उचित सलाह, आधुनिक तकनीक और सावधानी के साथ सर्जरी कराने से आप सुरक्षित रह सकते हैं और लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। याद रखिए, एक किडनी के साथ भी जीवन पूरी तरह जीने योग्य है, बस जरूरत है सही तैयारी और जागरूकता की।

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