प्रोस्टेट बढ़ने पर हमेशा सर्जरी ज़रूरी है क्या?

क्या आपको पेशाब बार-बार आने की परेशानी होती है, या रात में कई बार उठना पड़ता है? अगर हां, तो यह प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने का संकेत हो सकता है। बहुत से पुरुष जैसे ही यह सुनते हैं कि उनका प्रोस्टेट बढ़ गया है, वे डर जाते हैं कि अब सर्जरी ही एकमात्र समाधान है। लेकिन सच्चाई यह है कि हर केस में सर्जरी जरूरी नहीं होती

उम्र बढ़ने के साथ प्रोस्टेट का आकार बढ़ना एक सामान्य प्रक्रिया है, और कई मामलों में इसे दवाइयों और जीवनशैली में बदलाव से भी नियंत्रित किया जा सकता है। इस ब्लॉग में Dr. Deepanshu बताते हैं कि प्रोस्टेट क्यों बढ़ता है, कौन-से लक्षण दिखते हैं, बिना सर्जरी के क्या विकल्प हैं और कब सर्जरी ज़रूरी बन जाती है।

प्रोस्टेट क्या है और इसका काम क्या होता है?

प्रोस्टेट एक छोटी ग्रंथि है जो पुरुषों की प्रजनन प्रणाली का हिस्सा होती है। यह ब्लैडर के नीचे और मूत्रनली (urethra) के चारों ओर स्थित होती है। इसका मुख्य कार्य एक तरल पदार्थ बनाना है जो स्पर्म को सुरक्षित रखता है और प्रजनन क्षमता को सपोर्ट करता है।

सामान्य स्थिति में इसका आकार अखरोट जितना होता है, लेकिन उम्र के साथ इसमें धीरे-धीरे वृद्धि होने लगती है — जिसे BPH (Benign Prostatic Hyperplasia) कहा जाता है। यह एक सामान्य, गैर-कैंसरयुक्त वृद्धि है जो लगभग 50 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों में आम पाई जाती है।

प्रोस्टेट बढ़ने के कारण

प्रोस्टेट के बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे:

  • उम्र बढ़ना: 50 वर्ष के बाद हार्मोनल बदलाव की वजह से ग्रंथि का आकार बढ़ने लगता है।
  • हार्मोनल असंतुलन: टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजेन के लेवल में असमानता।
  • जेनेटिक कारण: परिवार में अगर किसी को BPH रहा है तो रिस्क बढ़ जाता है।
  • लाइफस्टाइल फैक्टर्स: कम पानी पीना, ज्यादा कॉफी या अल्कोहल और लंबे समय तक बैठे रहना।
  • मोटापा और गलत डाइट: ज्यादा फैट और कम फाइबर वाली डाइट भी कारण बन सकती है।

बढ़े हुए प्रोस्टेट के लक्षण

हर व्यक्ति में लक्षण अलग हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर इनमें शामिल हैं:

  • पेशाब बार-बार आना, खासकर रात में
  • पेशाब शुरू करने या रोकने में कठिनाई
  • ब्लैडर पूरी तरह खाली न होना
  • मूत्र की धार पतली होना या रुक-रुक कर आना
  • हल्का दर्द, जलन या असहजता महसूस होना

इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि समय के साथ ये बढ़ सकते हैं और ब्लैडर या किडनी को प्रभावित कर सकते हैं।

क्या हर केस में सर्जरी जरूरी है?

नहीं, हर मरीज को सर्जरी की जरूरत नहीं होती।

प्रोस्टेट बढ़ने की शुरुआत में दवाइयों और कुछ आसान बदलावों से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। सर्जरी तब ही की जाती है जब समस्या गंभीर हो जाए या जीवन की गुणवत्ता पर असर डालने लगे।

सर्जरी जरूरी नहीं होती अगर:

  • पेशाब रुकने की समस्या हल्की है।
  • ब्लैडर या किडनी पर असर नहीं दिख रहा।
  • दवाओं से राहत मिल रही है।

सर्जरी की जरूरत तब पड़ती है जब:

  • मूत्र बिल्कुल रुक जाए (urinary retention)।
  • बार-बार ब्लैडर इंफेक्शन हो।
  • ब्लैडर स्टोन बन जाएं।
  • किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगे।
  • दवाओं के बावजूद लक्षण बढ़ते रहें।

बिना सर्जरी के इलाज (Non-Surgical Treatments)

1. Lifestyle changes

  • दिनभर में पर्याप्त पानी पिएं, लेकिन सोने से पहले मात्रा कम करें।
  • कैफीन, अल्कोहल और सॉफ्ट ड्रिंक्स को सीमित करें।
  • बहुत देर तक पेशाब रोककर न रखें।
  • फाइबर-रिच डाइट लें ताकि कब्ज न हो।
  • हल्का व्यायाम करें और वजन नियंत्रित रखें।

2. Medications (दवाइयाँ)

डॉक्टर दो तरह की दवाएँ सुझा सकते हैं:

  • Alpha-blockers: मूत्रनली की मांसपेशियों को रिलैक्स करते हैं जिससे पेशाब आसानी से निकलता है।
  • 5-Alpha Reductase inhibitors: प्रोस्टेट ग्रंथि का आकार धीरे-धीरे घटाते हैं।
    कई बार दोनों का संयोजन भी प्रभावी होता है।

3. Regular Monitoring

अगर प्रोस्टेट का आकार बहुत नहीं बढ़ा है, तो नियमित जांच और अल्ट्रासाउंड से स्थिति पर निगरानी रखी जा सकती है। इससे सर्जरी की आवश्यकता को टाला जा सकता है।

कब सर्जरी सबसे अच्छा विकल्प बन जाती है?

जब दवाओं से लक्षणों में सुधार न हो और मरीज को रोजमर्रा की गतिविधियों में दिक्कत आने लगे, तब सर्जरी पर विचार किया जाता है।

आज के समय में लेज़र सर्जरी (HoLEP, PVP आदि) और TURP (Transurethral Resection of Prostate) जैसी मिनिमली इनवेसिव तकनीकें बेहद सुरक्षित और प्रभावी हैं।

इन प्रक्रियाओं में दर्द कम होता है, रिकवरी तेज़ होती है और मरीज कुछ ही दिनों में सामान्य जीवन में लौट आता है।

Dr. Deepanshu की सलाह: सही समय पर सही निर्णय लें

Dr. Deepanshu कहते हैं —

हर मरीज का प्रोस्टेट बढ़ना एक जैसा नहीं होता। कुछ मामलों में सिर्फ दवाएँ और निगरानी काफी होती हैं, जबकि कुछ में सर्जरी सबसे अच्छा विकल्प होती है।

वे हर मरीज के केस को व्यक्तिगत रूप से देखकर निर्णय लेते हैं।

उनका उद्देश्य सिर्फ इलाज करना नहीं, बल्कि मरीज को ऐसी स्थिति में लाना है जहां वह बिना असुविधा के सामान्य जीवन जी सके।

उनकी सलाह है कि जैसे ही शुरुआती लक्षण दिखें, विशेषज्ञ से परामर्श लें। समय पर निदान से जटिलताओं से बचा जा सकता है और कई बार सर्जरी की ज़रूरत भी नहीं पड़ती।

संक्षिप्त

प्रोस्टेट बढ़ना उम्र के साथ होने वाला एक सामान्य बदलाव है, लेकिन हर केस में सर्जरी जरूरी नहीं होती।
सही समय पर जांच, दवाओं और जीवनशैली में सुधार से अधिकांश मामलों को बिना ऑपरेशन के नियंत्रित किया जा सकता है।

Dr. Deepanshu के अनुसार, इलाज का सबसे सही तरीका वही है जो मरीज की ज़रूरत के मुताबिक हो।

लक्षणों को नजरअंदाज न करें और विशेषज्ञ से सलाह लेकर सही निर्णय लें, ताकि आप अपनी सेहत और जीवन की गुणवत्ता दोनों बनाए रख सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *