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किडनी स्टोन के लिए लेज़र सर्जरी कितनी सुरक्षित है?

किडनी स्टोन आज के समय में एक आम लेकिन बेहद तकलीफदेह समस्या बन चुका है। अचानक तेज दर्द, पेशाब में जलन या खून आना, ये संकेत हैं कि आपको किडनी स्टोन हो सकता है। पारंपरिक सर्जरी में लंबा समय, ज्यादा दर्द और रिकवरी पीरियड की वजह से अब लोग आधुनिक तकनीकों की ओर बढ़ रहे

Dr. Deepanshu Gupta13 Dec 2025Quick read
किडनी स्टोन के लिए लेज़र सर्जरी कितनी सुरक्षित है?

किडनी स्टोन (गुर्दे की पथरी) आज के समय में एक आम लेकिन बेहद तकलीफदेह समस्या बन चुका है। अचानक तेज दर्द, पेशाब में जलन या खून आना, ये संकेत हैं कि आपको किडनी स्टोन हो सकता है। पारंपरिक सर्जरी में लंबा समय, ज्यादा दर्द और लंबे रिकवरी पीरियड की वजह से अब लोग आधुनिक तकनीकों की ओर बढ़ रहे हैं। इन्हीं आधुनिक तरीकों में लेज़र सर्जरी (Laser Lithotripsy) ने यूरोलॉजी की दुनिया में क्रांति ला दी है। इस लेख में हम जानेंगे कि लेज़र सर्जरी क्या है, इसकी प्रक्रिया कैसे होती है, इसके फायदे क्या हैं और यह क्यों एक भरोसेमंद इलाज माना जाता है।

किडनी स्टोन क्या है और यह कैसे बनता है?

किडनी स्टोन मिनरल्स और साल्ट के छोटे-छोटे कणों का जमाव होता है, जो आपस में मिलकर ठोस पत्थर का रूप ले लेते हैं। यह पथरी आकार में रेत के कण जितनी छोटी या कई सेंटीमीटर तक बड़ी हो सकती है।

मुख्य कारण:

लेज़र सर्जरी (Laser Lithotripsy) क्या होती है?

लेज़र सर्जरी एक अत्याधुनिक, स्कारलेस (बिना चीरे वाली) प्रक्रिया है, जिसमें मूत्र मार्ग के ज़रिए एक पतली दूरबीन (यूरेथ्रोस्कोप) डालकर लेज़र बीम की मदद से पथरी को बारीक धूल या छोटे टुकड़ों में तोड़ दिया जाता है। इसके बाद ये टुकड़े पेशाब के रास्ते आसानी से बाहर निकल जाते हैं।

प्रक्रिया के मुख्य चरण:

  1. एनेस्थीसिया: मरीज को दर्द रहित अनुभव देने के लिए स्पाइनल या जनरल एनेस्थीसिया दिया जाता है।
  2. स्कोप प्रवेश: एक पतली और लचीली ट्यूब (फ्लेक्सिबल स्कोप) को बिना किसी चीरे के मूत्र मार्ग से सीधे किडनी तक पहुँचाया जाता है।
  3. लेज़र फ्रैग्मेंटेशन: होलियम या थुलियम लेज़र बीम का उपयोग करके स्टोन को डस्टिंग (धूल) कर दिया जाता है।
  4. स्टेंट प्लेसमेंट (यदि आवश्यक हो): यूरिन के सुचारू प्रवाह और सूजन को कम करने के लिए एक अस्थायी DJ स्टेंट डाला जा सकता है।

लेज़र सर्जरी बनाम पारंपरिक सर्जरी

  • चीरा (Incision): लेज़र सर्जरी पूरी तरह बिना चीरे के प्राकृतिक मूत्र मार्ग से की जाती है, जबकि पारंपरिक सर्जरी में पेट या पीठ पर 7 से 10 सेमी का बड़ा कट लगता है।
  • दर्द और रक्तस्राव: लेज़र सर्जरी में दर्द और खून का बहाव न के बराबर होता है, जबकि ओपन सर्जरी में अत्यधिक दर्द और रक्तस्राव का जोखिम रहता है।
  • अस्पताल में रुकने का समय: लेज़र ट्रीटमेंट के बाद मरीज को 24 घंटे के भीतर डिस्चार्ज कर दिया जाता है, जबकि पारंपरिक सर्जरी में 4 से 7 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता है।
  • रिकवरी टाइम: लेज़र सर्जरी के बाद मरीज 2 से 3 दिनों में सामान्य दिनचर्या में लौट आते हैं, जबकि ओपन सर्जरी में पूर्ण रिकवरी में 4 से 6 सप्ताह लगते हैं।
  • संक्रमण का खतरा: बिना किसी घाव या कट के कारण लेज़र सर्जरी में इन्फेक्शन का जोखिम बहुत कम होता है।

लेज़र सर्जरी के मुख्य फायदे

  • चीरा-रहित इलाज: शरीर पर कोई कट या दाग नहीं बनता।
  • कम समय में डिस्चार्ज: मरीज आमतौर पर 24 घंटे के भीतर घर लौट सकते हैं।
  • त्वरित रिकवरी: मरीज 2 से 3 दिनों में अपनी दिनचर्या में वापस लौट सकते हैं।
  • उच्च सफलता दर: आधुनिक फ्लेक्सिबल स्कोप और लेज़र तकनीक से सफलता दर 90% से 95% तक होती है। पढ़ें जटिल किडनी स्टोन में RIRS की सफलता दर
  • हर प्रकार के स्टोन में कारगर: कैल्शियम ऑक्सलेट, यूरिक एसिड या सिस्टीन जैसी कठोर पथरी को भी आसानी से तोड़ देता है। जानें किडनी स्टोन के 4 प्रकार

कब लेज़र सर्जरी की आवश्यकता होती है?

ऑपरेशन के बाद रिकवरी और देखभाल

  • पर्याप्त पानी पीएं: दिन में कम से कम 2.5 से 3 लीटर पानी पीएं ताकि बचा हुआ स्टोन डस्ट बाहर निकल सके। पढ़ें किडनी स्टोन से बचने के लिए कितना पानी पीएं
  • दवाइयों का नियमित सेवन: डॉक्टर द्वारा दी गई एंटीबायोटिक्स और दर्द निवारक दवाएं समय पर लें।
  • भारी वजन उठाने से बचें: शुरुआती 1-2 हफ्तों तक भारी शारीरिक श्रम न करें।
  • नियमित फॉलो-अप: स्टेंट हटाने और पूरी रिकवरी की पुष्टि के लिए यूरिन टेस्ट और अल्ट्रासाउंड करवाएं।

गुड़गांव में विशेषज्ञ यूरोलॉजिस्ट से परामर्श

किडनी स्टोन की लेज़र सर्जरी पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है, लेकिन इसका परिणाम यूरोलॉजिस्ट के अनुभव और दक्षता पर निर्भर करता है। गुड़गांव और दिल्ली एनसीआर में उन्नत लेज़र एंडोयूरोलॉजी उपचार के लिए डॉ. दीपांशु गुप्ता से परामर्श करें। 15 से अधिक वर्षों के अनुभव और हजारों सफल लेज़र (RIRS, URSL) व मिनी-PCNL प्रक्रियाओं के साथ, डॉ. दीपांशु प्रत्येक मरीज को सुरक्षित और त्वरित रिकवरी का भरोसा देते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

क्या लेज़र सर्जरी के दौरान या बाद में दर्द होता है?

सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया के कारण बिल्कुल दर्द नहीं होता। सर्जरी के बाद यूरिन में हल्की जलन महसूस हो सकती है, जो 1-2 दिनों में दवाओं के सेवन से ठीक हो जाती है।

लेज़र सर्जरी के कितने दिन बाद काम पर लौट सकते हैं?

अधिकतर मरीज लेज़र सर्जरी के 2 से 3 दिन बाद हल्के काम और ऑफिस की दिनचर्या में वापस लौट सकते हैं।

क्या लेज़र इलाज के बाद किडनी स्टोन दोबारा हो सकता है?

लेज़र सर्जरी मौजूदा स्टोन को पूरी तरह साफ कर देती है, लेकिन यदि आप पर्याप्त पानी नहीं पीते या आहार में लापरवाही बरतते हैं, तो भविष्य में नया स्टोन बन सकता है। पढ़ें किडनी स्टोन को दोबारा होने से कैसे रोकें

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