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DJ Stent क्या होता है और इसे क्यों लगाया जाता है?

सर्जरी के बाद डॉक्टर DJ Stent डालने की बात करते हैं तो सवाल उठता है यह क्या है और ज़रूरी क्यों है। जानें DJ Stent क्यों लगाया जाता है, कितने दिन रहता है, इससे कैसा महसूस होता है, और कैसे निकाला जाता है।

Dr. Deepanshu Gupta23 Oct 20268 min read
DJ Stent क्या होता है और इसे क्यों लगाया जाता है?

किडनी स्टोन की सर्जरी के बाद डॉक्टर कहते हैं, "हमने एक DJ Stent डाला है, दो हफ़्ते बाद निकालेंगे।" ज़्यादातर मरीज़ों के मन में तुरंत सवाल आते हैं: यह क्या चीज़ है? शरीर के अंदर कहाँ है? क्या यह ज़रूरी था? और इसके साथ इतनी बार पेशाब क्यों आ रहा है?

सीधा जवाब: DJ Stent एक पतली, मुलायम और लचीली प्लास्टिक की नली है, जो किडनी से लेकर पेशाब की थैली (ब्लैडर) तक, पेशाब की नली (यूरेटर) के अंदर रखी जाती है। इसके दोनों सिरे अंग्रेज़ी के "J" अक्षर की तरह मुड़े होते हैं, इसलिए इसे Double J या DJ Stent कहते हैं। इसका काम है किडनी से पेशाब का रास्ता खुला रखना, जब तक यूरेटर की सूजन, चोट या रुकावट ठीक नहीं हो जाती। यह अस्थायी होता है और तय समय पर निकालना ज़रूरी है।

यह लेख बताता है कि DJ Stent क्यों लगाया जाता है, क्या हर बार ज़रूरी है, इसके साथ कैसा महसूस होता है, कितने दिन रहता है और कैसे निकाला जाता है।

DJ Stent क्या होता है?

DJ Stent को आसान भाषा में किडनी और ब्लैडर के बीच का एक "अस्थायी पुल" समझिए।

  • बनावट: यह मेडिकल ग्रेड की मुलायम सामग्री (जैसे पॉलीयूरेथेन या सिलिकॉन) से बनी एक पतली नली होती है, जिसमें कई छोटे छेद होते हैं ताकि पेशाब अंदर और बाहर दोनों तरफ़ से बह सके।
  • लंबाई: मरीज़ की लंबाई और यूरेटर के हिसाब से चुनी जाती है, बड़ों में आमतौर पर लगभग 22 से 28 सेंटीमीटर।
  • दो J वाले सिरे: ऊपर वाला J किडनी के अंदर और नीचे वाला J ब्लैडर के अंदर मुड़ा रहता है। यही मोड़ इसे अपनी जगह से खिसकने नहीं देते।
  • बाहर से कुछ नहीं दिखता: स्टेंट पूरी तरह शरीर के अंदर होता है। कोई ट्यूब या बैग बाहर नहीं लटकता। कुछ मामलों में स्टेंट के साथ एक पतला धागा पेशाब के रास्ते से बाहर छोड़ा जाता है, ताकि उसे बिना दूरबीन के निकाला जा सके।

विस्तार से अंग्रेज़ी में पढ़ें DJ Stent (Double J) Explained।

DJ Stent क्यों लगाया जाता है?

1. किडनी स्टोन की सर्जरी के बाद (सबसे आम कारण)

RIRS या URSL में दूरबीन यूरेटर से होकर पथरी तक जाती है। सर्जरी के बाद यूरेटर में थोड़ी सूजन आ सकती है, और लेज़र से टूटी पथरी के छोटे टुकड़े नीचे आते समय रास्ता रोक सकते हैं। स्टेंट इस दौरान पेशाब का रास्ता खुला रखता है, जिससे:

  • अचानक तेज़ दर्द का खतरा कम होता है
  • किडनी में पेशाब रुककर सूजन (hydronephrosis) नहीं होती
  • यूरेटर में कोई छोटी चोट हो तो वह आराम से भरती है

2. पथरी से रास्ता बंद होने और इन्फेक्शन में (इमरजेंसी)

अगर पथरी यूरेटर में फंसी है और साथ में बुखार या इन्फेक्शन है, तो उस समय पथरी निकालना सुरक्षित नहीं होता। ऐसे में पहले स्टेंट (या पीठ से एक ट्यूब, जिसे नेफ्रोस्टोमी कहते हैं) डालकर किडनी को तुरंत खाली किया जाता है और एंटीबायोटिक दी जाती है। इन्फेक्शन ठीक होने के बाद पथरी निकाली जाती है। यूरोपियन एसोसिएशन ऑफ़ यूरोलॉजी (EAU) की गाइडलाइन भी इसी तरीके की सलाह देती है। पढ़ें सर्जरी से पहले Urine Culture क्यों ज़रूरी है और हाइड्रोनेफ्रोसिस के कारण और इलाज।

3. जब यूरेटर संकरा हो (Pre-stenting)

कई बार सर्जरी के दौरान पता चलता है कि यूरेटर इतना संकरा है कि दूरबीन सुरक्षित रूप से ऊपर नहीं जा सकती। ज़बरदस्ती करने के बजाय स्टेंट डालकर दो से तीन हफ़्ते छोड़ा जाता है। इस दौरान यूरेटर अपने आप थोड़ा चौड़ा हो जाता है और दूसरी बार सर्जरी आसान और सुरक्षित होती है। पढ़ें सर्जरी कभी 2 Sittings में क्यों करनी पड़ती है।

4. गर्भावस्था में

गर्भावस्था के दौरान अगर पथरी रुकावट या तेज़ दर्द कर रही हो, तो कई बार डिलीवरी तक के लिए स्टेंट डालकर किडनी को सुरक्षित रखा जाता है। गर्भावस्था में स्टेंट पर पपड़ी जल्दी जमती है, इसलिए उसे बीच में बदलना पड़ सकता है। पढ़ें गर्भावस्था में किडनी स्टोन।

5. पथरी के अलावा दूसरे कारण

  • यूरेटर की सिकुड़न (stricture) या चोट
  • PUJ Obstruction (किडनी और यूरेटर के जोड़ पर रुकावट) के ऑपरेशन (pyeloplasty) के बाद। पढ़ें PUJ Obstruction
  • किडनी ट्रांसप्लांट के बाद
  • पेट के किसी ट्यूमर या गांठ से यूरेटर दबने पर

क्या हर सर्जरी के बाद DJ Stent ज़रूरी है?

नहीं। यह एक आम गलतफ़हमी है।

EAU गाइडलाइन साफ़ कहती है कि बिना किसी जटिलता वाली यूरेटेरोस्कोपी (uncomplicated URS) के बाद स्टेंट डालना ज़रूरी नहीं है। यानी अगर पथरी छोटी थी, पूरी निकल गई, यूरेटर में कोई चोट या सूजन नहीं है, और मरीज़ को इन्फेक्शन नहीं था, तो कई मरीज़ों में स्टेंट के बिना भी सर्जरी सुरक्षित रूप से पूरी की जा सकती है।

स्टेंट आमतौर पर तब डाला जाता है जब:

  • पथरी बड़ी थी या बहुत सारे टुकड़े बचे हैं
  • यूरेटर में सूजन, चोट या संकरापन है
  • सर्जरी से पहले इन्फेक्शन था
  • मरीज़ की एक ही किडनी है
  • सर्जरी लंबी चली या दोनों किडनी का ऑपरेशन एक साथ हुआ

यह फ़ैसला सर्जरी के दौरान, अंदर की स्थिति देखकर लिया जाता है, इसलिए पहले से "स्टेंट नहीं डालना" का वादा कोई ज़िम्मेदार सर्जन नहीं करता। पढ़ें क्या RIRS के बाद DJ Stent ज़रूरी है, एक किडनी वाले मरीज़ के लिए कौन सी सर्जरी सुरक्षित है और दोनों किडनी में पथरी हो तो क्या एक ही बार में सर्जरी हो सकती है।

DJ Stent कैसे डाला जाता है?

  • ज़्यादातर मामलों में स्टेंट पथरी की सर्जरी (RIRS, URSL या PCNL) के आख़िर में, उसी बेहोशी में डाला जाता है। मरीज़ को अलग से कुछ पता नहीं चलता।
  • अलग से डालना हो (जैसे इन्फेक्शन में), तो पेशाब के रास्ते से एक दूरबीन (cystoscope) ब्लैडर में जाती है, और X-ray की मदद से स्टेंट को यूरेटर में ऊपर किडनी तक पहुंचाया जाता है।
  • कोई चीरा नहीं लगता। पूरी प्रक्रिया आमतौर पर 10 से 20 मिनट की होती है।

DJ Stent के साथ कैसा महसूस होता है?

यहां ईमानदारी ज़रूरी है: स्टेंट से तकलीफ़ होना आम है। यह कोई गड़बड़ी नहीं, बल्कि शरीर में एक बाहरी नली होने की स्वाभाविक प्रतिक्रिया है।

स्टेंट वाले मरीज़ों पर हुए एक अध्ययन (Joshi और साथी, 2003) में:

  • 78% मरीज़ों को पेशाब से जुड़ी परेशान करने वाली तकलीफ़ें हुईं
  • 80% से ज़्यादा को ऐसा दर्द हुआ जिससे रोज़ के काम प्रभावित हुए
  • 58% ने काम करने की क्षमता में कमी बताई
  • 32% ने यौन जीवन पर असर बताया

आम लक्षण

  • बार बार पेशाब आना और अचानक तेज़ इच्छा होना
  • पेशाब के समय या आख़िर में जलन
  • पेशाब में हल्का गुलाबी रंग या थोड़ा खून, खासकर मेहनत के बाद
  • पेशाब करते समय कमर या साइड में खिंचाव। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पेशाब करते समय थोड़ा पेशाब स्टेंट से होकर वापस किडनी की तरफ़ दबाव डालता है।
  • ब्लैडर पूरा खाली न होने का एहसास, क्योंकि नीचे वाला J ब्लैडर की दीवार को छूता रहता है

तकलीफ़ कम करने के उपाय

  • डॉक्टर अक्सर अल्फा ब्लॉकर दवा (जैसे tamsulosin) देते हैं। EAU गाइडलाइन के अनुसार यह स्टेंट से जुड़ी तकलीफ़ और दर्द के दौरे कम कर सकती है। ज़रूरत हो तो ब्लैडर को शांत करने वाली दवा भी दी जाती है।
  • पर्याप्त पानी पिएं, ताकि पेशाब हल्के रंग का रहे।
  • पेशाब ज़्यादा देर न रोकें।
  • भारी वज़न उठाना, जिम, लंबी दौड़ और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर लंबा सफ़र स्टेंट निकलने तक कम करें।

ज़्यादातर लोग स्टेंट के साथ ऑफिस जाते हैं, गाड़ी चलाते हैं और सामान्य काम करते हैं। पढ़ें क्या DJ Stent के साथ बाइक या स्कूटर चला सकते हैं, क्या RIRS के बाद सेक्स कर सकते हैं और सर्जरी के बाद कितना आराम ज़रूरी है।

कब तुरंत डॉक्टर को दिखाएं

स्टेंट के साथ ये लक्षण सामान्य नहीं हैं:

  • बुखार या ठंड लगकर कंपकंपी
  • पेशाब में गाढ़ा खून या थक्के
  • पेशाब बिल्कुल न आना या बहुत कम आना
  • दवा से भी काबू न आने वाला दर्द
  • पेशाब के रास्ते से स्टेंट या धागा बाहर निकलता दिखे

DJ Stent कितने दिन रहता है?

यह इस बात पर निर्भर करता है कि स्टेंट क्यों डाला गया था:

स्थितिआमतौर पर कितने समय बाद निकाला जाता है
सामान्य RIRS या URSL के बाद1 से 3 हफ़्ते
Pre-stenting (संकरे यूरेटर में)2 से 4 हफ़्ते, फिर दूसरी सर्जरी
इन्फेक्शन या रुकावट मेंइन्फेक्शन ठीक होने और पथरी निकलने तक
यूरेटर की चोट, सिकुड़न या ऑपरेशन के बादकई हफ़्ते, डॉक्टर के अनुसार
लंबे समय की ज़रूरत (जैसे ट्यूमर का दबाव)तय अंतराल पर बदला जाता है

सामान्य स्टेंट को स्थायी रूप से नहीं छोड़ा जा सकता। हर स्टेंट की एक तय अधिकतम अवधि होती है, जो आपके डॉक्टर और स्टेंट के प्रकार पर निर्भर है। डिस्चार्ज के समय स्टेंट निकालने की तारीख़ लिखवा लें और फ़ोन में रिमाइंडर लगा लें।

स्टेंट निकालना भूल गए तो क्या होगा?

यह गलती गंभीर हो सकती है। ज़्यादा दिन रहने पर स्टेंट पर नमक की पपड़ी (encrustation) जम जाती है, जिससे:

  • स्टेंट खुद बंद होकर किडनी में रुकावट कर सकता है
  • बार बार इन्फेक्शन हो सकता है
  • स्टेंट पर पथरी बन सकती है
  • उसे निकालने के लिए एक से ज़्यादा ऑपरेशन तक की ज़रूरत पड़ सकती है

पढ़ें अगर किडनी स्टेंट न निकाला जाए तो क्या होता है।

DJ Stent कैसे निकाला जाता है? क्या इसमें दर्द होता है?

  • दूरबीन से (cystoscopy): पेशाब के रास्ते से एक पतली दूरबीन ब्लैडर में जाती है और स्टेंट के नीचे वाले सिरे को पकड़कर बाहर खींच लिया जाता है। लोकल एनेस्थीसिया जेल या हल्की बेहोशी में यह कुछ ही मिनटों का काम है। मरीज़ उसी दिन घर जाता है।
  • धागे से: अगर स्टेंट के साथ धागा छोड़ा गया है, तो क्लिनिक में धागा खींचकर कुछ सेकंड में स्टेंट निकाल दिया जाता है।

निकालते समय कुछ सेकंड का खिंचाव या असहजता हो सकती है। निकलने के बाद एक दो दिन पेशाब में हल्की जलन या हल्का दर्द सामान्य है। पढ़ें क्या DJ Stent बिना दर्द के निकाला जा सकता है और स्टेंट निकालने का ख़र्च।

DJ Stent और किडनी स्टोन का पूरा इलाज

स्टेंट इलाज का एक हिस्सा है, इलाज नहीं। पथरी को RIRS, FANS-RIRS, URSL या Mini PCNL से निकाला जाता है, और स्टेंट उस सर्जरी के बाद रिकवरी को सुरक्षित बनाता है। स्टेंट की भूमिका पर अंग्रेज़ी में पढ़ें The Role of Stent in Kidney Stone Treatment।

सर्जरी की सुरक्षा के बारे में पढ़ें किडनी स्टोन लेज़र सर्जरी कितनी सुरक्षित है।

अपनी पथरी के लिए सही इलाज और स्टेंट की ज़रूरत समझने के लिए हमारा किडनी स्टोन चेकर इस्तेमाल करें, किडनी स्टोन ट्रीटमेंट पेज पर सभी विकल्प देखें, या अपनी रिपोर्ट के साथ डॉ. दीपांशु गुप्ता से परामर्श बुक करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

DJ Stent का पूरा नाम क्या है?

DJ का मतलब Double J है। स्टेंट के दोनों सिरे J अक्षर की तरह मुड़े होते हैं, एक किडनी में और एक ब्लैडर में। इसे ureteral stent या यूरेटेरिक स्टेंट भी कहते हैं।

क्या DJ Stent डालने के लिए चीरा लगता है?

नहीं। स्टेंट पेशाब के प्राकृतिक रास्ते से दूरबीन की मदद से डाला जाता है। ज़्यादातर मामलों में यह पथरी की सर्जरी के आख़िर में उसी बेहोशी में डाल दिया जाता है।

क्या DJ Stent के साथ पेशाब में खून आना सामान्य है?

हल्का गुलाबी रंग या थोड़ा खून, खासकर चलने फिरने या मेहनत के बाद, सामान्य है। गाढ़ा खून, थक्के या पेशाब रुकना सामान्य नहीं है, ऐसे में तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

DJ Stent के साथ कमर में दर्द क्यों होता है?

पेशाब करते समय ब्लैडर का दबाव स्टेंट के रास्ते थोड़ा ऊपर किडनी तक पहुंचता है, जिससे कमर या साइड में खिंचाव महसूस होता है। यह आमतौर पर पेशाब के बाद ठीक हो जाता है। ब्लैडर को ज़्यादा भरने न दें।

क्या DJ Stent के साथ ऑफिस जा सकते हैं?

हां। ज़्यादातर लोग सर्जरी के 2 से 4 दिन बाद डेस्क वाला काम शुरू कर देते हैं। भारी काम, जिम और लंबा ऊबड़-खाबड़ सफ़र स्टेंट निकलने तक टालें।

क्या DJ Stent अपने आप निकल सकता है?

आमतौर पर नहीं। J वाले मोड़ उसे अपनी जगह पर रखते हैं। अगर धागा लगा है तो वह गलती से खिंच सकता है। स्टेंट या धागा पेशाब के रास्ते से बाहर आता दिखे तो डॉक्टर को बताएं।

क्या हर किडनी स्टोन सर्जरी के बाद DJ Stent डालना पड़ता है?

नहीं। बिना जटिलता वाली सर्जरी में कई मरीज़ों को स्टेंट की ज़रूरत नहीं पड़ती। सूजन, चोट, बड़ी पथरी, बचे टुकड़े या इन्फेक्शन होने पर स्टेंट डालना सुरक्षित विकल्प है। यह फ़ैसला सर्जरी के दौरान लिया जाता है।

DJ Stent ज़्यादा से ज़्यादा कितने दिन रख सकते हैं?

यह स्टेंट के प्रकार और कारण पर निर्भर है। पथरी की सामान्य सर्जरी के बाद आमतौर पर 1 से 3 हफ़्ते में निकाल दिया जाता है। डॉक्टर की बताई तारीख़ से ज़्यादा देर करने पर पपड़ी जमने और इन्फेक्शन का खतरा बढ़ता है।

संदर्भ (References)

  1. European Association of Urology. EAU Guidelines on Urolithiasis: Recommendations. https://uroweb.org/guidelines/urolithiasis/chapter/guidelines
  2. Joshi HB, Stainthorpe A, MacDonagh RP, Keeley FX, Timoney AG, Barry MJ. Indwelling ureteral stents: evaluation of symptoms, quality of life and utility. Journal of Urology. 2003;169(3):1065-1069. https://doi.org/10.1097/01.ju.0000048980.33855.90

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