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Kidney Stone की Surgery कभी 2 Sittings में क्यों करनी पड़ती है?

कुछ मरीजों में Kidney Stone की Surgery एक ही बार में पूरी करना संभव नहीं होता। जानें बड़े या कई Stones, सर्जरी की अवधि, संक्रमण के जोखिम और अन्य कारणों से RIRS या PCNL को 2 Sittings में क्यों करना पड़ सकता है।

Dr. Deepanshu Gupta14 Oct 20266 min read
Kidney Stone की Surgery कभी 2 Sittings में क्यों करनी पड़ती है?

"डॉक्टर साहब ने कहा है कि ऑपरेशन दो बार में होगा। कहीं पैसे के लिए तो नहीं कह रहे?"

यह सवाल बहुत से मरीज़ों के मन में आता है, भले ही वे इसे बोलें या न बोलें। और कुछ मरीज़ों के साथ इससे भी ज़्यादा परेशान करने वाली बात होती है: सर्जरी के बाद होश आता है और पता चलता है कि पथरी नहीं निकली, बस एक स्टेंट डाल दिया गया है और कुछ हफ़्ते बाद फिर आना है। उन्हें लगता है कि सर्जरी फेल हो गई।

सच यह है कि कुछ मरीज़ों में पथरी की सर्जरी दो sittings (दो चरणों) में करना ही सबसे सुरक्षित और सही तरीका होता है। एक ही बार में ज़बरदस्ती सब कुछ करने की कोशिश कई बार ऐसा नुकसान कर सकती है जो ज़िंदगी भर रहे।

यह लेख बताता है कि दो sittings की ज़रूरत क्यों पड़ती है, बीच में क्या होता है, और आप कैसे समझें कि यह फ़ैसला सही वजह से लिया गया है।

दो तरह की "दो sittings"

1. पहले से तय योजना। सीटी स्कैन देखकर ही सर्जन को पता होता है कि पथरी बहुत बड़ी है, बहुत ज़्यादा हैं, या इन्फेक्शन है। ऐसे में मरीज़ को सर्जरी से पहले ही बता दिया जाता है कि दो चरण लगेंगे।

2. सर्जरी के दौरान लिया गया फ़ैसला। कुछ बातें स्कैन में नहीं दिखतीं, जैसे यूरेटर कितना चौड़ा है। ये सिर्फ़ सर्जरी शुरू होने पर पता चलती हैं। तब सर्जन को उसी समय फ़ैसला करना होता है कि आगे बढ़ना सुरक्षित है या रुकना।

दोनों ही स्थितियों में अच्छा सर्जन सर्जरी से पहले मरीज़ को बता देता है कि दूसरी sitting की संभावना कितनी है।

कारण 1: यूरेटर संकरा है (Pre-stenting), सबसे आम वजह

RIRS में दूरबीन और उसके साथ एक पतली नली (access sheath) यूरेटर से होकर किडनी तक जाती है। यूरेटर वह नली है जो किडनी से ब्लैडर तक पेशाब ले जाती है।

कई लोगों में, खासकर जिनकी पथरी कभी अपने आप नहीं निकली या जिनका पहले कोई इलाज नहीं हुआ, यूरेटर इतना संकरा होता है कि दूरबीन या शीथ आराम से अंदर नहीं जाती।

ऐसे में सर्जन के पास दो रास्ते होते हैं:

  • ज़बरदस्ती आगे धकेलना। इससे यूरेटर फट सकता है या उसकी अंदरूनी परत को चोट लग सकती है। ऐसी चोट बाद में यूरेटर में सिकुड़न (stricture) बना सकती है, जिसके लिए आगे चलकर बड़े ऑपरेशन की ज़रूरत पड़ सकती है।
  • रुककर एक DJ स्टेंट डालना। स्टेंट दो से तीन हफ़्ते अंदर रहता है और धीरे धीरे, बिना किसी नुकसान के, यूरेटर को अपने आप चौड़ा कर देता है। इसके बाद दूसरी sitting में दूरबीन आसानी से जाती है और पथरी सुरक्षित तरीके से निकलती है।

समझदार सर्जन हमेशा दूसरा रास्ता चुनता है। इसे pre-stenting कहते हैं, और यह सर्जरी की नाकामी नहीं, बल्कि मरीज़ की सुरक्षा का फ़ैसला है।

एक फ़ायदा और: स्टेंट के बाद की सर्जरी अक्सर ज़्यादा आसान, तेज़ और साफ़ होती है।

स्टेंट के बारे में पढ़ें DJ स्टेंट क्या है और क्या RIRS के बाद DJ स्टेंट ज़रूरी है।

कारण 2: इन्फेक्शन के साथ रुकावट

अगर पथरी पेशाब का रास्ता रोक रही है और साथ में बुखार या इन्फेक्शन है, तो किडनी में संक्रमित पेशाब रुका होता है। ऐसे में सीधे पथरी तोड़ने से बैक्टीरिया खून में जा सकते हैं और सेप्सिस हो सकता है, जो जानलेवा भी हो सकता है।

इसलिए यहां पहली sitting में सिर्फ़ रुकावट खोली जाती है:

  • DJ स्टेंट डालकर, या
  • पीठ से एक nephrostomy ट्यूब डालकर

साथ में एंटीबायोटिक दी जाती है। इन्फेक्शन पूरी तरह ठीक होने के बाद, आमतौर पर कुछ हफ़्तों में, दूसरी sitting में पथरी निकाली जाती है।

यूरोपियन एसोसिएशन ऑफ़ यूरोलॉजी (EAU) की गाइडलाइन भी साफ़ कहती है कि रुकावट वाली पथरी के साथ सेप्सिस हो तो पहले तुरंत drainage किया जाए, और पथरी का पक्का इलाज सेप्सिस ठीक होने तक टाला जाए।

पढ़ें सर्जरी से पहले Urine Culture क्यों ज़रूरी है और हाइड्रोनेफ्रोसिस के कारण और इलाज।

कारण 3: पथरी बहुत बड़ी या बहुत ज़्यादा है

RIRS में लेज़र पथरी को तोड़ता है, और टुकड़े एक पतले रास्ते से बाहर निकाले जाते हैं। जब पथरी का कुल बोझ बहुत ज़्यादा हो, जैसे 2 cm से काफ़ी बड़ी पथरी या कई पथरियां, तो सब कुछ एक बार में साफ़ करने में बहुत लंबा समय लग सकता है।

और लंबी सर्जरी अपने आप में एक जोखिम है:

  • किडनी के अंदर ज़्यादा देर तक पानी का दबाव रहता है
  • इन्फेक्शन और बुखार का खतरा बढ़ता है
  • बेहोशी लंबी होती है
  • थकान की वजह से सटीकता घट सकती है

इसलिए एक तय समय के बाद काम रोककर अगली sitting में पूरा करना, ज़बरदस्ती खींचने से बेहतर है।

ऐसे मामलों में कई बार RIRS की जगह Mini PCNL चुना जाता है, जो बड़ी पथरी को अक्सर एक ही बार में साफ़ कर देता है। पढ़ें 2 से 4 cm पथरी का इलाज, बड़ी पथरी निकालने का सबसे अच्छा तरीका और Staghorn पथरी कैसे निकाली जाती है।

कारण 4: पथरी बहुत सख़्त है

सीटी स्कैन में पथरी की कठोरता Hounsfield Unit (HU) से नापी जाती है। बहुत सख़्त पथरी को लेज़र से तोड़ने में काफ़ी ज़्यादा समय लगता है। बड़ी और सख़्त पथरी का मेल अक्सर दूसरी sitting की ज़रूरत बनाता है। देखें अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन की भूमिका।

कारण 5: पथरी मुश्किल जगह पर है

किडनी की निचली शाखा (lower calyx) में पड़ी पथरी तक दूरबीन को बहुत मोड़ना पड़ता है, और टूटे टुकड़े वहीं बैठ जाते हैं। कुछ मरीज़ों में किडनी की बनावट अलग होती है, जैसे घोड़े की नाल जैसी किडनी। ऐसे में एक सत्र में पूरी सफ़ाई मुश्किल हो सकती है। देखें पथरी की जगह क्यों मायने रखती है।

कारण 6: सर्जरी के दौरान खून या धुंधलापन

कभी कभी किडनी के अंदर हल्का खून आने से दूरबीन में साफ़ दिखना बंद हो जाता है। बिना साफ़ देखे लेज़र चलाना असुरक्षित है। ऐसे में स्टेंट डालकर रुकना और कुछ हफ़्तों बाद साफ़ नज़र के साथ काम पूरा करना सही फ़ैसला है।

कारण 7: दोनों किडनी में पथरी

दोनों तरफ़ पथरी हो तो कई मरीज़ों में एक ही sitting में दोनों साफ़ हो जाती हैं। लेकिन अगर एक तरफ़ बड़ी पथरी या इन्फेक्शन हो, या किडनी कमज़ोर हो, तो दोनों तरफ़ अलग अलग करना ज़्यादा सुरक्षित है। पढ़ें दोनों किडनी में पथरी हो तो क्या एक ही बार में सर्जरी हो सकती है।

कारण 8: मरीज़ की सेहत से जुड़ी वजहें

कुछ मरीज़ों के लिए लंबी बेहोशी सुरक्षित नहीं होती, जैसे दिल या फेफड़े की बीमारी वाले, बहुत बुज़ुर्ग, या खून पतला करने की दवा लेने वाले मरीज़। इनमें सर्जरी को छोटे, सुरक्षित हिस्सों में बांटना बेहतर रहता है।

कारण 9: फ़ॉलो अप स्कैन में बचे टुकड़े

सर्जरी के बाद स्कैन में अगर कुछ बड़े टुकड़े बचे दिखते हैं, तो कई बार उन्हें निकालने के लिए एक छोटी दूसरी प्रक्रिया की जाती है। यह इसलिए ज़रूरी है क्योंकि किडनी में बचा हर टुकड़ा अगली पथरी का बीज बनता है। देखें सर्जरी के बाद फ़ॉलो अप क्यों ज़रूरी है।

एक ही बार में ज़बरदस्ती करने के नुकसान

मरीज़ अक्सर कहते हैं, "डॉक्टर साहब, जैसे भी हो एक बार में कर दीजिए।" यह भावना समझ में आती है, लेकिन ज़बरदस्ती एक sitting में करने के जोखिम असली हैं:

  • यूरेटर में चोट या सिकुड़न, जो बाद में बड़ी सर्जरी की वजह बन सकती है
  • सर्जरी के बाद तेज़ बुखार या सेप्सिस
  • टुकड़े पीछे छूट जाना, जिससे पथरी फिर बन जाती है
  • किडनी को अतिरिक्त नुकसान

दो सुरक्षित sittings, एक जोखिम भरी sitting से कहीं बेहतर हैं। RIRS की सीमाओं के बारे में ईमानदारी से पढ़ें क्या RIRS के कोई नुकसान हैं।

दोनों sittings के बीच क्या होता है

  • आमतौर पर अंदर DJ स्टेंट रहता है
  • स्टेंट की वजह से बार बार पेशाब, हल्की जलन, कमर में खिंचाव और कभी पेशाब में हल्का खून आ सकता है। यह सामान्य है
  • भरपूर पानी पिएं
  • डॉक्टर ने एंटीबायोटिक दी हो तो कोर्स पूरा करें
  • ज़्यादातर लोग ऑफिस और रोज़मर्रा के काम कर सकते हैं। दोपहिया चलाने के बारे में पढ़ें क्या DJ स्टेंट के साथ बाइक या स्कूटर चला सकते हैं
  • दूसरी sitting की तारीख ज़रूर निभाएं। स्टेंट को महीनों तक भूल जाना ख़तरनाक है
  • बुखार, ठंड लगकर कंपकंपी, या पेशाब बहुत कम आना हो तो उसी दिन डॉक्टर से संपर्क करें

दोनों sittings के बीच का अंतर आमतौर पर 2 से 3 हफ़्ते होता है। इन्फेक्शन वाले मामलों में यह थोड़ा ज़्यादा हो सकता है।

खर्च का सवाल

दूसरी sitting का मतलब आमतौर पर अतिरिक्त खर्च होता है। इस बारे में खुलकर बात करना ज़रूरी है:

  • सर्जरी से पहले पूछें कि दूसरी sitting की संभावना कितनी है
  • पूछें कि pre-stenting या दूसरी sitting का खर्च अलग से कितना होगा
  • बीमा कंपनी से भी पहले ही बात कर लें

खर्च के बारे में और पढ़ें RIRS का खर्च कितना होता है।

कैसे पहचानें कि दो sittings का फ़ैसला सही वजह से है

सही वजह से लिया गया फ़ैसला आमतौर पर ऐसा दिखता है:

  • सर्जन सर्जरी से पहले संभावना के बारे में बता देता है
  • वजह आपकी रिपोर्ट से जुड़ी और साफ़ होती है, जैसे "यूरेटर संकरा था", "इन्फेक्शन था", "पथरी 2.5 cm की है"
  • सर्जरी के बाद आपको बताया जाता है कि क्या मिला और क्यों रुके
  • दूसरी sitting की तारीख और योजना साफ़ होती है

अगर आपको शक हो, तो सीटी स्कैन के साथ किसी दूसरे यूरोलॉजिस्ट की राय लेना बिल्कुल ठीक है।

क्या दो sittings से बचा जा सकता है?

हमेशा नहीं, लेकिन कई बार संभावना कम की जा सकती है:

  • सर्जरी से पहले सही सीटी स्कैन, जिससे पथरी का आकार, जगह और कठोरता पता हो
  • Urine Culture, ताकि इन्फेक्शन पहले ही पकड़ा और ठीक किया जा सके
  • बड़ी पथरी के लिए सही तरीका चुनना, जैसे Mini PCNL
  • suction वाली आधुनिक तकनीक, जो टुकड़ों को सर्जरी के दौरान ही निकाल लेती है और एक ही बार में पूरी सफ़ाई की संभावना बढ़ाती है। पढ़ें FANS RIRS और Suction RIRS और जटिल पथरी में RIRS की सफलता दर

लेकिन यूरेटर का संकरापन पहले से जानना संभव नहीं होता। यह सिर्फ़ सर्जरी के दौरान पता चलता है। इसलिए इसकी संभावना हमेशा थोड़ी बनी रहती है।

सर्जरी की सुरक्षा के बारे में पढ़ें किडनी स्टोन लेज़र सर्जरी कितनी सुरक्षित है।

सर्जरी से पहले अपने डॉक्टर से ये सवाल पूछें

  • क्या मेरे केस में दो sittings की संभावना है? कितनी?
  • अगर यूरेटर संकरा निकला तो आप क्या करेंगे?
  • पथरी का कुल आकार और कठोरता कितनी है?
  • क्या मेरे लिए RIRS सही है या PCNL?
  • दूसरी sitting का खर्च कितना होगा?
  • कैसे पता चलेगा कि पथरी पूरी तरह निकल गई?

हमारा किडनी स्टोन चेकर बताता है कि आपकी पथरी के साइज़ और जगह के हिसाब से आमतौर पर क्या इलाज होता है, और किडनी स्टोन ट्रीटमेंट पेज पर RIRS समेत सभी विकल्प दिए गए हैं।

अगर आपको दो sittings की सलाह दी गई है और आप समझना चाहते हैं कि आपके केस में यह क्यों ज़रूरी है, तो अपनी सीटी स्कैन रिपोर्ट के साथ डॉ. दीपांशु गुप्ता से परामर्श बुक करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

किडनी स्टोन की सर्जरी दो sittings में क्यों होती है?

सबसे आम वजह है यूरेटर का संकरा होना, जिसमें पहले स्टेंट डालकर रास्ता चौड़ा किया जाता है। दूसरी वजहें हैं इन्फेक्शन के साथ रुकावट, बहुत बड़ी या सख़्त पथरी, मुश्किल जगह, सर्जरी के दौरान खून, या मरीज़ की सेहत।

Pre-stenting क्या है?

जब यूरेटर इतना संकरा हो कि दूरबीन सुरक्षित तरीके से न जा सके, तो पहले एक DJ स्टेंट डाला जाता है। यह दो से तीन हफ़्ते में यूरेटर को अपने आप चौड़ा कर देता है, और फिर दूसरी sitting में पथरी आसानी से निकाली जाती है।

क्या दो sittings का मतलब है कि पहली सर्जरी फेल हो गई?

नहीं। यह अक्सर सुरक्षा के लिए लिया गया सही फ़ैसला होता है। ज़बरदस्ती एक बार में करने से यूरेटर में चोट, सेप्सिस या टुकड़े छूटने का खतरा होता है।

दोनों sittings के बीच कितना अंतर होता है?

आमतौर पर 2 से 3 हफ़्ते। अगर पहली sitting इन्फेक्शन की वजह से हुई थी, तो इन्फेक्शन ठीक होने तक थोड़ा ज़्यादा समय लग सकता है।

क्या बीच के समय में स्टेंट के साथ सामान्य काम कर सकते हैं?

हां, ज़्यादातर लोग ऑफिस और रोज़मर्रा के काम कर सकते हैं। बार बार पेशाब और हल्की असुविधा सामान्य है। बुखार या पेशाब बहुत कम आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

क्या दूसरी sitting में ज़्यादा खर्च आता है?

आमतौर पर हां। इसलिए सर्जरी से पहले ही पूछ लें कि दूसरी sitting की संभावना कितनी है और उसका खर्च क्या होगा।

क्या suction वाली तकनीक से दो sittings से बचा जा सकता है?

यह एक ही बार में पूरी सफ़ाई की संभावना बढ़ाती है, खासकर बड़ी या कई पथरियों में। लेकिन संकरे यूरेटर या इन्फेक्शन जैसी वजहों में दूसरी sitting फिर भी ज़रूरी हो सकती है।

कैसे पता करें कि दो sittings की सलाह सही है?

सही सलाह में वजह साफ़ और आपकी रिपोर्ट से जुड़ी होती है, और सर्जन पहले से संभावना बताता है। शक हो तो सीटी स्कैन के साथ दूसरे यूरोलॉजिस्ट की राय लेना ठीक है।

संदर्भ (References)

  1. Skolarikos A, et al. EAU Guidelines on Urolithiasis (Pocket Guidelines). European Association of Urology. 2023. https://d56bochluxqnz.cloudfront.net/documents/pocket-guidelines/EAU-Pocket-on-Urolithiasis-2023.pdf

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