दोनों किडनी में पथरी हो तो क्या एक ही बार में Surgery हो सकती है?
अगर दोनों किडनी में पथरी है, तो क्या एक ही सर्जरी में दोनों का इलाज संभव है? जानें Bilateral RIRS और अन्य उपचार विकल्पों के बारे में, किन परिस्थितियों में एक साथ सर्जरी की जा सकती है और कब अलग-अलग सर्जरी करना सुरक्षित हो सकता है।

जब स्कैन में पता चलता है कि पथरी एक नहीं, बल्कि दोनों किडनी में है, तो मरीज़ और उनके परिवार का पहला सवाल लगभग हमेशा एक ही होता है: "क्या दोनों तरफ़ की पथरी एक साथ, एक ही ऑपरेशन में निकल सकती है? दो बार बेहोशी, दो बार अस्पताल और दो बार छुट्टी, यह सब करना पड़ेगा क्या?"
छोटा जवाब है: हां, बहुत से मरीज़ों में दोनों किडनी की पथरी एक ही बार में निकाली जा सकती है। इसे डॉक्टरी भाषा में Same-Sitting Bilateral RIRS या एक साथ दोनों तरफ़ की सर्जरी कहते हैं।
लेकिन यह हर मरीज़ के लिए सही नहीं है। कुछ हालात में दोनों तरफ़ एक साथ करना सुरक्षित और समझदारी भरा है, और कुछ में इसे दो चरणों में करना ही बेहतर होता है। यह लेख बताता है कि यह फ़ैसला कैसे होता है।
एक ही बार में Surgery कैसे होती है?
सबसे आम तरीका है RIRS (Retrograde Intrarenal Surgery)। इसमें पेशाब के प्राकृतिक रास्ते से एक पतली, मुड़ने वाली दूरबीन किडनी तक पहुंचाई जाती है, और लेज़र से पथरी को तोड़कर निकाला जाता है। कोई चीरा नहीं, कोई टांका नहीं।
दोनों तरफ़ की सर्जरी में एक ही बेहोशी के दौरान पहले एक किडनी की पथरी निकाली जाती है, फिर दूसरी की। ज़्यादातर मामलों में दोनों तरफ़ अस्थायी DJ स्टेंट डाला जाता है, जो कुछ हफ़्तों बाद एक छोटी प्रक्रिया से एक साथ निकाल दिया जाता है।
अगर पथरी यूरेटर (किडनी से ब्लैडर तक की नली) में फंसी हो, तो उस तरफ़ URSL किया जाता है। RIRS की पूरी प्रक्रिया के बारे में पढ़ें RIRS कैसे किया जाता है।
एक बार में करने के फ़ायदे
- एक ही बार बेहोशी (anaesthesia)। दो बार की जगह एक बार।
- एक ही बार अस्पताल में भर्ती। ज़्यादातर मरीज़ अगले दिन घर चले जाते हैं।
- एक ही रिकवरी। दो अलग अलग रिकवरी की बजाय एक।
- कम छुट्टी। नौकरी या व्यापार वाले मरीज़ों के लिए यह बड़ा फ़ायदा है।
- अक्सर कुल खर्च कम। दो अलग भर्ती और दो अलग बेहोशी के मुकाबले।
- स्टेंट एक साथ निकलते हैं। दो अलग स्टेंट वाले दौर से बचाव।
जोखिम और कमियां, जो जानना ज़रूरी है
सर्जरी का समय लंबा होता है। दोनों तरफ़ काम करने में ज़ाहिर तौर पर ज़्यादा समय लगता है। और लंबा समय मतलब बेहोशी लंबी, किडनी के अंदर पानी का दबाव ज़्यादा देर तक, और इन्फेक्शन का खतरा थोड़ा बढ़ना।
दोनों तरफ़ स्टेंट। स्टेंट से होने वाली परेशानियां, जैसे बार बार पेशाब जाना, जलन और कमर में खिंचाव, दोनों तरफ़ होने पर थोड़ी ज़्यादा महसूस हो सकती हैं। देखें DJ स्टेंट क्या है।
दोनों किडनी पर एक साथ असर। एक तरफ़ की सर्जरी में दूसरी किडनी पूरा काम संभालती है। दोनों तरफ़ एक साथ होने पर, अगर दोनों तरफ़ सूजन या रुकावट हो जाए, तो कुछ समय के लिए किडनी की कार्यक्षमता पर असर पड़ सकता है। यह कम होता है, लेकिन इसी वजह से दोनों तरफ़ स्टेंट डालना और मरीज़ का सही चुनाव ज़रूरी है।
हर तरफ़ पूरी सफ़ाई पर ध्यान। दो किडनी में एक ही सत्र में पूरी तरह पथरी मुक्त होना, एक किडनी के मुकाबले थोड़ा मुश्किल हो सकता है।
रिसर्च क्या कहती है?
यूरोपियन एसोसिएशन ऑफ़ यूरोलॉजी (EAU) के एंडोयूरोलॉजी समूह ने 14 अंतरराष्ट्रीय केंद्रों में 115 मरीज़ों पर एक अध्ययन किया, जिनकी दोनों किडनी की पथरी एक ही सत्र में RIRS से निकाली गई। इसमें suction वाली आधुनिक स्टेंट शीथ (FANS) का इस्तेमाल किया गया।
नतीजे:
- एक तरफ़ के हिसाब से लगभग 76 प्रतिशत किडनी पूरी तरह पथरी मुक्त हुईं (एक भी टुकड़ा नहीं बचा)।
- दोनों तरफ़ एक साथ पूरी तरह शून्य टुकड़े लगभग 43 प्रतिशत मरीज़ों में रहे। ध्यान दें, यह बहुत सख़्त मापदंड है, जिसमें सबसे छोटा टुकड़ा भी गिना जाता है।
- सिर्फ़ 2 मरीज़ों में 4 mm से बड़ा टुकड़ा बचा।
- गंभीर जटिलताएं बहुत कम रहीं। लगभग 1.7 प्रतिशत मरीज़ों में यूरेटर पर हल्की चोट हुई, जो स्टेंट से ठीक हो गई। किडनी के अंदर कोई चोट नहीं हुई।
अध्ययन का निष्कर्ष था कि सही मरीज़ों में दोनों तरफ़ एक साथ RIRS सुरक्षित है और कम जटिलताओं के साथ अच्छे नतीजे देती है, लेकिन सर्जरी का लंबा समय नतीजों पर बुरा असर डाल सकता है। यानी मरीज़ का सही चुनाव ही असली चाबी है।
Suction तकनीक के बारे में और पढ़ें FANS RIRS और Suction RIRS और जटिल पथरी में RIRS की सफलता दर।
किन मरीज़ों में एक बार में Surgery ठीक रहती है
दोनों तरफ़ एक साथ सर्जरी तब सबसे अच्छी रहती है जब:
- दोनों तरफ़ पथरी का कुल आकार संभालने लायक हो, यानी बहुत बड़ी या पूरी किडनी भरने वाली पथरी न हो
- पेशाब में इन्फेक्शन न हो। सर्जरी से पहले Urine Culture साफ़ आना चाहिए
- बुखार या इन्फेक्शन के साथ रुकावट न हो
- किडनी की कार्यक्षमता ठीक हो
- मरीज़ लंबी बेहोशी सह सकता हो, यानी दिल, फेफड़े या दूसरी बड़ी बीमारी नियंत्रण में हों
- यूरेटर दूरबीन और शीथ को आसानी से स्वीकार करे
- टीम के पास अनुभव और सही उपकरण हों, खासकर suction वाली तकनीक
कब दो चरणों में करना बेहतर है
इन हालात में दोनों तरफ़ की सर्जरी अलग अलग करना ज़्यादा सुरक्षित है:
इन्फेक्शन या बुखार के साथ रुकावट। यह इमरजेंसी है। यहां पहले स्टेंट या पीठ से ट्यूब (nephrostomy) डालकर पेशाब निकाला जाता है और इन्फेक्शन का इलाज होता है। पथरी की असली सर्जरी इन्फेक्शन ठीक होने के बाद होती है। देखें हाइड्रोनेफ्रोसिस के कारण और इलाज।
एक तरफ़ बहुत बड़ी या staghorn पथरी। एक तरफ़ बड़ी पथरी के लिए Mini PCNL की ज़रूरत हो सकती है, और दूसरी तरफ़ RIRS। ऐसे में दोनों को अलग अलग करना अक्सर बेहतर रहता है। देखें Staghorn पथरी कैसे निकाली जाती है और बड़ी पथरी निकालने का सबसे अच्छा तरीका।
किडनी की कार्यक्षमता पहले से कम हो। दोनों तरफ़ एक साथ काम करने का जोखिम यहां ज़्यादा होता है।
बुज़ुर्ग या कई बीमारियों वाले मरीज़, जिनके लिए लंबी बेहोशी ठीक नहीं।
यूरेटर बहुत संकरा हो। कई बार पहले स्टेंट डालकर दो तीन हफ़्ते इंतज़ार करना पड़ता है, ताकि रास्ता खुल जाए।
सर्जरी के दौरान पहली तरफ़ में अनुमान से ज़्यादा समय लग जाए। अनुभवी सर्जन ऐसे में दूसरी तरफ़ अगली बार के लिए छोड़ देते हैं। यह नाकामी नहीं, बल्कि मरीज़ की सुरक्षा के लिए सही फ़ैसला है।
दो चरणों में हो, तो पहले कौन सी तरफ़?
आमतौर पर पहले वह तरफ़ ली जाती है जो:
- दर्द दे रही है
- पेशाब का रास्ता रोक रही है
- इन्फेक्शन से जुड़ी है
दूसरी तरफ़ आमतौर पर कुछ हफ़्तों बाद की जाती है, अक्सर पहली तरफ़ का स्टेंट निकालने के आसपास, ताकि मरीज़ को कम से कम बार अस्पताल आना पड़े।
कुछ मामलों में एक तरफ़ की छोटी, बिना रुकावट वाली पथरी पर नज़र रखी जाती है, या उसके लिए ESWL जैसा अलग तरीका चुना जाता है। हर मरीज़ की योजना अलग होती है।
रिकवरी कैसी होती है?
ज़्यादातर मरीज़ एक तरफ़ की सर्जरी जैसी ही रिकवरी करते हैं, बस शुरुआती कुछ दिन थोड़ी ज़्यादा असुविधा हो सकती है:
- आमतौर पर एक रात अस्पताल में
- कुछ दिन पेशाब में हल्का खून और जलन, जो सामान्य है
- दोनों तरफ़ स्टेंट की वजह से बार बार पेशाब और कमर में खिंचाव
- ऑफिस का काम आमतौर पर 4 से 7 दिन में
- स्टेंट आमतौर पर 1 से 3 हफ़्ते में, एक ही छोटी प्रक्रिया में निकाले जाते हैं
बुखार, ठंड लगकर कंपकंपी या पेशाब बहुत कम आना, इनमें से कुछ भी हो, तो उसी दिन डॉक्टर से संपर्क करें। दोनों तरफ़ की सर्जरी के बाद पेशाब की मात्रा पर खास ध्यान देना ज़रूरी है।
स्टेंट निकलवाने के बारे में पढ़ें क्या DJ स्टेंट निकालना दर्दनाक है। सर्जरी की सुरक्षा के बारे में पढ़ें किडनी स्टोन लेज़र सर्जरी कितनी सुरक्षित है और क्या किडनी स्टोन सर्जरी सुरक्षित है।
दोनों किडनी में पथरी का मतलब: कारण ढूंढना और ज़रूरी
यह बात अक्सर नज़रअंदाज़ हो जाती है।
जब पथरी दोनों किडनी में बनती है, तो इसकी संभावना ज़्यादा होती है कि वजह पूरे शरीर से जुड़ी है, जैसे पेशाब की केमिस्ट्री में गड़बड़ी, पैराथायरॉइड की समस्या, डायबिटीज़, गठिया, या कोई जन्मजात कारण। सिर्फ़ एक किडनी की बनावट की समस्या दोनों तरफ़ पथरी नहीं बनाती।
इसलिए दोनों तरफ़ पथरी वाले मरीज़ों के लिए सर्जरी के बाद ये जांचें खास तौर पर ज़रूरी हैं:
- निकली हुई पथरी की जांच (Stone Analysis)
- 24 घंटे का पेशाब टेस्ट। देखें 24 घंटे का यूरिन टेस्ट क्या जांचता है
- खून में कैल्शियम, यूरिक एसिड, क्रिएटिनिन, और ज़रूरत हो तो पैराथायरॉइड हार्मोन
देखें किडनी स्टोन बार बार क्यों बनते हैं और क्या डायबिटीज़ से किडनी स्टोन का खतरा बढ़ता है।
अगर किसी मरीज़ की सिर्फ़ एक ही किडनी काम करती है, तो योजना और भी सावधानी से बनती है। देखें एक किडनी वाले मरीज के लिए कौन सी सर्जरी सुरक्षित है।
अपने डॉक्टर से ये सवाल ज़रूर पूछें
- क्या मेरे लिए दोनों तरफ़ एक साथ सर्जरी सुरक्षित है, और क्यों?
- दोनों तरफ़ पथरी का कुल आकार और कठोरता कितनी है?
- अगर पहली तरफ़ में ज़्यादा समय लगा, तो क्या दूसरी तरफ़ अगली बार होगी?
- क्या दोनों तरफ़ स्टेंट डलेगा, और कब निकलेगा?
- यह कैसे पक्का होगा कि दोनों किडनी पूरी तरह पथरी मुक्त हैं?
- क्या पथरी जांच के लिए भेजी जाएगी?
हमारा किडनी स्टोन चेकर बताता है कि आपकी पथरी के साइज़ और जगह के हिसाब से आमतौर पर क्या इलाज होता है, और किडनी स्टोन ट्रीटमेंट पेज पर RIRS समेत सभी विकल्प दिए गए हैं।
अगर आपकी दोनों किडनी में पथरी है और आप जानना चाहते हैं कि आपके लिए एक बार में सर्जरी सही है या नहीं, तो डॉ. दीपांशु गुप्ता से परामर्श बुक करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या दोनों किडनी की पथरी एक साथ निकाली जा सकती है?
हां, बहुत से मरीज़ों में RIRS से दोनों तरफ़ की पथरी एक ही सत्र और एक ही बेहोशी में निकाली जा सकती है, बशर्ते इन्फेक्शन न हो, पथरी का कुल आकार संभालने लायक हो और किडनी की कार्यक्षमता ठीक हो।
क्या दोनों तरफ़ एक साथ सर्जरी करवाना सुरक्षित है?
सही मरीज़ों में हां। एक बहुराष्ट्रीय अध्ययन में गंभीर जटिलताएं बहुत कम पाई गईं। लेकिन इन्फेक्शन, बहुत बड़ी पथरी, कमज़ोर किडनी या लंबी बेहोशी न सह पाने वाले मरीज़ों में दो चरणों में सर्जरी ज़्यादा सुरक्षित है।
दोनों तरफ़ की सर्जरी में कितना समय लगता है?
यह दोनों तरफ़ पथरी के आकार, कठोरता और जगह पर निर्भर करता है। एक तरफ़ की सर्जरी से ज़ाहिर तौर पर ज़्यादा समय लगता है, और इसी वजह से मरीज़ का सही चुनाव ज़रूरी है।
क्या दोनों तरफ़ स्टेंट डाला जाता है?
ज़्यादातर मामलों में हां, ताकि दोनों किडनी से पेशाब ठीक से निकलता रहे। दोनों स्टेंट आमतौर पर 1 से 3 हफ़्ते में एक ही छोटी प्रक्रिया में निकाले जाते हैं।
एक बार में सर्जरी से खर्च कम होता है क्या?
अक्सर हां, क्योंकि एक ही भर्ती, एक ही बेहोशी और एक ही रिकवरी होती है। सटीक खर्च पथरी के आकार और ज़रूरी उपकरणों पर निर्भर करता है।
अगर एक तरफ़ बड़ी पथरी हो और दूसरी तरफ़ छोटी, तो क्या करते हैं?
अक्सर बड़ी पथरी के लिए Mini PCNL और छोटी के लिए RIRS जैसे अलग तरीके चुने जाते हैं, और कई बार दोनों को अलग अलग समय पर किया जाता है।
दोनों तरफ़ की सर्जरी के बाद रिकवरी में कितना समय लगता है?
ज़्यादातर मरीज़ अगले दिन घर चले जाते हैं और 4 से 7 दिन में ऑफिस का काम कर सकते हैं। शुरुआती कुछ दिन स्टेंट की वजह से एक तरफ़ की सर्जरी से थोड़ी ज़्यादा असुविधा हो सकती है।
दोनों किडनी में पथरी क्यों होती है?
ज़्यादातर मामलों में वजह पूरे शरीर से जुड़ी होती है, जैसे पेशाब की केमिस्ट्री, पैराथायरॉइड, डायबिटीज़, गठिया या जन्मजात कारण। इसलिए सर्जरी के बाद पथरी की जांच और 24 घंटे का पेशाब टेस्ट खास तौर पर ज़रूरी है।
संदर्भ (References)
- The utility of flexible and navigable suction access sheath (FANS) in patients undergoing same session flexible ureteroscopy for bilateral renal calculi: a global prospective multicenter analysis by EAU endourology. https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC11870961/
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